केमदु्रम योग के कारण और इसे दूर करने के उपाय

केमदु्रम योग

इस योग का निर्माण चंद्र के कारण होता है। कुंडली में जब चंद्र द्वितीय या द्वादश भाव में हो और चंद्र के आगे और पीछे के भावों में कोई अपयश ग्रह न हो तो केमद्रुम योग का निर्माण होता है। जिस कुंडली में यह योग होता है वह जीवनभर धन की कमी से जूझता रहता है। उसके जीवन में पल-प्रतिपल संकट आते रहते हैं, लेकिन व्यक्ति हौसले से उनका सामना करता रहता है।  

दूर करने के उपाय

इस योग का प्रभाव कम करने के लिए गणेश और महालक्ष्मी की साधना करें। शुक्रवार को लाल गुलाब के पुष्प से महालक्ष्मी का पूजन करें। मिश्री का भोग लगाएं। चंद्र से संबंधित वस्तुएं दूध-दही का दान करें।

 

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केमदु्रम योग के कारण और इसे दूर करने के उपाय

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