Business Astrologer Astro Guru Vinod Ji

BUSINESS ASTROLOGY

Many of the people are successful life in their business but this success is not Stable due to the some of the celestial imbalances, previous life span karma, or by Knowingly or unknowingly deed we start facing the losses or

जानें उपाय जिनसे कम होता है विष योग का प्रभाव

विष योग जातक की कुंडली में विष योग शनि और चंद्रमा की युति के कारण बनता है। चंद्रमा के लग्‍न स्‍थान में एवं चन्द्रमा पर शनि की 3,7 अथवा 10वें घर से दृष्टि होने की स्थिति में इस योग का

ग्रहण योग बनने के कारण और इसका समाधान

ग्रहण योग कुंडली के किसी भी भाव में चंद्र के साथ राहु या केतु बैठे हों तो ग्रहण योग बनता है। यदि इन ग्रह स्थिति में सूर्य भी जुड़ जाए तो व्यक्ति की मानसिक स्थिति अत्यंत खराब रहती है। उसका

केमदु्रम योग के कारण और इसे दूर करने के उपाय

केमदु्रम योग इस योग का निर्माण चंद्र के कारण होता है। कुंडली में जब चंद्र द्वितीय या द्वादश भाव में हो और चंद्र के आगे और पीछे के भावों में कोई अपयश ग्रह न हो तो केमद्रुम योग का निर्माण